कल कंगना का interview देखा। एक समय में मेरी बहुत अच्छी दोस्त हुआ करती थी। मेरी हर फ़िल्म पे आके मेरा हौसला भी बढ़ाती थी। लेकिन इस नयी कंगना को मैं नहीं जानता। और अभी उसका यह डरावना इंटर्व्यू भी देखा जो मणिकर्णिका की रिलीज़ के बिलकुल बाद का है
Success और ताक़त का नशा हर किसीको बराबर बहकाता है , चाहे वो insider हो या outsider। “मुझसे सीखिए , मेरे जैसा बनिए”, यह बात मैंने २०१५ से पहले उसके मुँह से कभी नहीं सुनी। और तब से अब तक बात यहाँ आ पहुँची है कि जो मेरे साथ नहीं है वो सब मतलबी और चापलूस हैं।
अपने सभी निर्देशकों को जो गाली देती है , जो एडिट में बैठ कर , सभी सह कलाकारों के रोल काटती है । जिसके साथ उसके कोई भी पुराने निर्देशक जो सभी कंगना को सराहते थे , उसके साथ काम करने से दूर भागते हैं । यह ताक़त जो कंगना को लगता है उसने कमायी है, दूसरों को दबाने की ..
उसे कंगना को आइना ना दिखा के और उसे सर पे चढ़ा के, आप उसी को खतम कर रहें हैं । मुझे और कुछ नहीं कहना है। क्या बकवास कर रही है ? और कुछ भी बेसिरपैर बोल रही है। इन सब का अंत यहीं होगा । और चूँकि मैं उसे बहुत मानता हूँ और यह कंगना मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रही है। बाक़ी बोलें ना बोलें
मैं बोलूँगा @KanganaTeam ।बहुत हो गया। और अगर यह तुम्हारे घर वालों को भी नहीं दिखता और तुम्हारे दोस्तों को भी नहीं दिखता तो फिर एक ही सच है की हर कोई तुम्हारा इस्तेमाल कर रहा है और तुम्हारा अपना आज कोई नहीं है । बाक़ी तुम्हारी मर्ज़ी, मुझे जो गाली बकनी है बको ।