Il दैविक शंखनाद की ध्वनि ll ... 
Conch(शंख) Is Very Important In Sanatan Dharma. Whenever There Is An Auspicious Task, Then we Start That Work With A Conch Shell. Our scriptures have elaborated a lot on its importance.
@LostTemple7 @Sanjay_Dixit

Conch(शंख) Is Very Important In Sanatan Dharma. Whenever There Is An Auspicious Task, Then we Start That Work With A Conch Shell. Our scriptures have elaborated a lot on its importance.
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सबसे बड़ा शंख : विश्व का सबसे बड़ा शंख केरल राज्य के गुरुवयूर के श्रीकृष्ण मंदिर में सुशोभित है, जिसकी लंबाई लगभग आधा मीटर है तथा वजन दो किलोग्राम है।
@anuradhagoyal @HinduTempleLive
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महाभारत में लगभग सभी यौद्धाओं के पास शंख होते थे। उनमें से कुछ यौद्धाओं के पास तो चमत्कारिक शंख होते थे। जैसे भगवान कृष्ण के पास पाञ्चजन्य शंख था जिसकी ध्वनि कई किलोमीटर तक पहुंच जाती थी।
ब्रह्मवैवर्त पुराण के अनुसार, शंख चंद्रमा और सूर्य के समान ही देवस्वरूप है। इसके मध्य में वरुण, पृष्ठ भाग में ब्रह्मा और अग्र भाग में गंगा और सरस्वती का निवास है। शंख से शिवलिंग, कृष्ण या लक्ष्मी विग्रह पर जल या पंचामृत अभिषेक करने पर देवता प्रसन्न होते हैं।
शंख की ध्वनि शुभता को दर्शाती है। हिन्दू पूजा-पद्धति में शंख बजाया जाता है। ब्रह्मवैवर्त पुराण में शंख के महत्व को बताते हुए कहा गया है कि शंख में जल रखने और इसे छिड़कने से वातावरण शुद्ध होता है। अर्थात शंख धार्मिक और वैज्ञानिक रूप से बेहद ही महत्वपूर्ण है।
वास्तु और फेंगशुई के अनुसार, शंखनाद और शंख रखने के कई फायदे हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार शंख नियमित रूप से बजाना सेहत के लिए बेहतर होता है। फिर चाहे छोटा शंख हो या बड़ा। मान्यता है कि शंख बजाने से हृदय संबंधी बीमारियां नहीं होती।
फेंगशुई के मुताबिक शंख रखना बेहद शुभ होता है। यह कार्यक्षेत्र में सुख-समृद्धि लेकर आता है। इसे रखने मात्र से ही व्यवसाय-व्यापार में वृद्धि होती है। शंख भगवान बुद्ध के पैरों में बने 8 शुभ चिन्हों में से एक है।
शंखनाद से सकारात्मक ऊर्जा का सर्जन होता है जिससे आत्मबल में वृद्धि होती है। शंख में प्राकृतिक कैल्शियम, गंधक और फास्फोरस की भरपूर मात्रा होती है। प्रतिदिन शंख फूंकने वाले को गले और फेफड़ों के रोग नहीं होते।
शंख बजाने से चेहरे, श्वसन तंत्र, श्रवण तंत्र तथा फेफड़ों का व्यायाम होता है। शंख वादन से स्मरण शक्ति बढ़ती है। शंख से मुख के तमाम रोगों का नाश होता है।
