मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि के दिन त्रेतायुग में भगवान राम और माता सीता का विवाह हुआ था, इसलिए इस दिन को विवाह पंचमी के नाम से जाना जाता है। इस बार यह शुभ तिथि 19 दिसंबर यानी आज है।
आपको लिए चलता हूं अपने राजा जी के दरबार में....
आपको लिए चलता हूं अपने राजा जी के दरबार में....
भगवान विष्णु का जिस अवतार में विवाह हुआ हो, वह दिन अबूझ मुहूर्त के नाम से जाना जाता है, बताया जाता है कि उस दिन बिना पंचाग देखे विवाह कर सकते हैं लेकिन विवाह पंचमी के दिन इस तरह की प्रथा नहीं है।
पंगत की तैयारी पूरी है। आपको पंगत के किस्से बहुत सुनाए है किन्तु आज दिखाए भी देते हैं।
फिलहाल भोजन क्या परोसा जाएगा वो देखते हैं..
फिलहाल भोजन क्या परोसा जाएगा वो देखते हैं..
पंगत शुरू हो गई दाऊजी....
इस दिन बहुत से लोग उपवास करते हैं और रामायण के बालकांड का पाठ करते हैं, साथ ही सांयकाल के समय नगर में राम बरात निकालते हैं जो बस आने वाली है...
बरारत आ चुकी है।महाराजा जनक की तरफ से स्वागत होने वाला है। और फिर धूम धाम से जयमाला का कार्यक्रम संपन्न हो जाएगा।
जय श्री राम..
जय श्री राम..
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